दिल्ली से नैनीताल सड़क से: दूरी, रास्ता और टोल

दिल्ली से नैनीताल लगभग 300 किमी है। हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर, मुरादाबाद, रामपुर, हल्द्वानी, काठगोदाम होकर बिना लंबे ब्रेक के लगभग 7 घंटे लगते हैं।

दूरी
300 किमी
ड्राइव का समय
लगभग 7 घंटे
टोल (एक तरफ़, कार)
फ़ास्टैग ऐप में देखें
पेट्रोल (सेडान, एक तरफ़)
लगभग ₹2,190

सबसे अच्छा रास्ता: NH-9 और हल्द्वानी होकर

मैदानी इलाके से होकर हाईवे से हल्द्वानी तक, फिर काठगोदाम से झील तक 35 किमी की चढ़ाई।

हाईवे: NH-9, NH-109 · रास्ते में: हापुड़ → गढ़मुक्तेश्वर → मुरादाबाद → रामपुर → हल्द्वानी → काठगोदाम

टोल और फ़्यूल का खर्च

  • पेट्रोल सेडान (14 किमी/लीटर): एक तरफ़ लगभग ₹2,190, आना-जाना लगभग ₹4,380।
  • पेट्रोल SUV (10 किमी/लीटर): एक तरफ़ लगभग ₹3,060, आना-जाना लगभग ₹6,120।

टोल मैदानी इलाके में NH-9 पर हैं; काठगोदाम से आगे की पहाड़ी सड़क पर कोई टोल नहीं है।

दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12/लीटर (अक्टूबर 2026) के हिसाब से। अपनी कार और साथ जाने वालों के हिसाब से खर्च फ़्यूल और टोल कैलकुलेटर में देखें।

रास्ते में कहां रुकें

  • गढ़मुक्तेश्वर (बृजघाट)दिल्ली से ~100 किमी

    यहां गंगा पार होती है, और पुल के दोनों तरफ़ खाने के लिए रुकने की जगहें हैं।

  • गजरौलादिल्ली से ~130 किमी

    साफ़ टॉयलेट वाले हाईवे फ़ूड प्लाज़ा, नाश्ते के लिए लोकप्रिय स्टॉप।

  • हल्द्वानीदिल्ली से ~270 किमी

    पहाड़ों से पहले आख़िरी बड़ा शहर: यहां फ़्यूल भरवा लें और जो कुछ भूल गए हों, ले लें।

सड़क की ज़रूरी जानकारी

  • काठगोदाम से नैनीताल तक के 35 किमी में कई हेयरपिन मोड़ हैं; जिन्हें सफ़र में जी मिचलाता है, उनके लिए एक ब्रेक प्लान करें।
  • भीड़ वाले वीकेंड और छुट्टियों पर नैनीताल शहर में गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगाई जाती है; ऐसा कहा जाए तो बाहर की पार्किंग में गाड़ी खड़ी करें और शटल लें।
  • मानसून (जुलाई–सितंबर) में पहाड़ी हिस्से पर भूस्खलन होते हैं; निकलने से पहले सड़क की स्थिति चेक कर लें।

कब निकलें: गाज़ियाबाद और हापुड़ पार करने और दोपहर के ट्रैफ़िक से पहले पहाड़ों तक पहुंचने के लिए सुबह 5:30–6 बजे तक निकलें।

बस और ट्रेन: काठगोदाम तक ट्रेनें चलती हैं (शताब्दी करीब 6 घंटे लेती है), फिर वहां से नैनीताल टैक्सी या बस से 35 किमी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दिल्ली से नैनीताल की सड़क से दूरी कितनी है?

सबसे अच्छे रास्ते से लगभग 300 किमी, जिसमें लंबे ब्रेक के बिना लगभग 7 घंटे लगते हैं। यह रास्ता NH-9 और हल्द्वानी होकर जाता है। नैनीताल से दिल्ली की दूरी भी इसी रास्ते से उतनी ही है।

दिल्ली से नैनीताल जाने का सबसे अच्छा रास्ता कौन सा है?

सबसे अच्छा रास्ता NH-9 और हल्द्वानी होकर जाता है: हापुड़ → गढ़मुक्तेश्वर → मुरादाबाद → रामपुर → हल्द्वानी → काठगोदाम। मैदानी इलाके से होकर हाईवे से हल्द्वानी तक, फिर काठगोदाम से झील तक 35 किमी की चढ़ाई।

दिल्ली से नैनीताल के लिए कब निकलना चाहिए?

गाज़ियाबाद और हापुड़ पार करने और दोपहर के ट्रैफ़िक से पहले पहाड़ों तक पहुंचने के लिए सुबह 5:30–6 बजे तक निकलें।

क्या दिल्ली से नैनीताल के लिए बस या ट्रेन है?

काठगोदाम तक ट्रेनें चलती हैं (शताब्दी करीब 6 घंटे लेती है), फिर वहां से नैनीताल टैक्सी या बस से 35 किमी है।

जानकारी अक्टूबर 2026 में जांची गई। सड़क और टोल की स्थिति बदल सकती है, इसलिए निकलने से पहले ताज़ा अपडेट देख लें।